बिहार में विधानसभा चुनाव के खत्म होते ही नीतीश सरकार ने प्रशासनिक अमले को एक बड़ा तोहफ़ा दिया है। लंबे समय से लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के 55 अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की है। सरकार के इस निर्णय से प्रशासनिक हलकों में उत्साह और संतोष का माहौल है।
किस-किस स्तर पर हुआ प्रमोशन?
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न स्तरों पर पदोन्नतियां दी गई हैं। इन प्रमोशन्स का विवरण इस प्रकार है—
1. अपर सचिव → विशेष सचिव
बिहार प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए विशेष सचिव के पद पर प्रमोट किया गया है। राज्य की नीतिगत निर्णय प्रक्रिया में इन पदों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
2. संयुक्त सचिव → अपर सचिव
कई अधिकारियों को संयुक्त सचिव पद से आगे बढ़ाकर अपर सचिव बनाया गया है, जिससे विभागीय कार्यों में गति और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
3. अपहर समाहर्ता → संयुक्त सचिव
अपहर समाहर्ता (Deputy Collector rank) स्तर के कई अधिकारियों को संयुक्त सचिव स्तर पर प्रोन्नत किया गया है। यह प्रमोशन प्रशासनिक कैडर में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
सरकार का उद्देश्य : प्रशासन में दक्षता और तेज़ी
नीतीश सरकार द्वारा यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य में नई सरकार गठित हुई है और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है। प्रमोशन मिलने से अधिकारियों में नई ऊर्जा आएगी, जिससे—
- विकास योजनाओं की निगरानी मजबूत होगी।
- जनहित से जुड़े फैसले तेजी से होंगे।
- जिला और राज्य स्तर पर प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
अधिकारियों में खुशी का माहौल
लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे अधिकारी अब राहत महसूस कर रहे हैं। पदोन्नति के बाद उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। यह कदम बीएएस कैडर के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला निर्णय माना जा रहा है।
राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण
नीतीश कुमार की सरकार ने चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद प्रशासनिक निर्णय लेते हुए यह संकेत दिया है कि—
- सरकार विकास और सुशासन को प्राथमिकता देने वाली है।
- अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाना शासन की शीर्ष प्राथमिकता है।
55 अधिकारियों की एक साथ हुई पदोन्नति ने बिहार के प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा भर दी है। यह निर्णय न केवल प्रशासन में गति लाएगा, बल्कि सरकार के सुशासन मॉडल को भी मजबूती देगा।
