आचार्यकुल के आगामी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को एक नई प्रतिष्ठा और गरिमा प्राप्त हुई है। बिहार विधान परिषद, पटना के माननीय सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह ने बोधगया में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय आचार्यकुल अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की स्वीकृति दे दी है।
आचार्यकुल के लिए सम्मान और उत्साह का विषय
आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आचार्य धर्मेन्द्र ने कहा कि माननीय सभापति का आगमन संगठन के लिए अत्यंत उत्साहजनक और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा—
“अवधेश बाबू अध्यात्म, विज्ञान और समन्वित व्यक्तित्व के धनी हैं। उनकी उपस्थिति सम्मेलन की गरिमा को कई गुना बढ़ाएगी। उनका मार्गदर्शन सभी प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत होगा।”
सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने की अपील
आचार्यकुल पत्रकारिता प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक, अधिवक्ता कुमुद रंजन सिंह ने सभी सदस्यों और सहयोगियों से आग्रह किया कि वे सम्मेलन में सक्रिय रूप से सम्मिलित हों। उन्होंने कहा—
“यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आचार्यकुल की रचनात्मक और वैचारिक यात्रा का नया अध्याय है। सभी सदस्यों की सक्रिय उपस्थिति ही इसे सफल और यादगार बनाएगी।”
16–18 दिसम्बर को होगा अंतर्राष्ट्रीय समागम
उल्लेखनीय है कि आचार्यकुल का यह अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन 16 से 18 दिसम्बर 2025 तक बोधगया के निकट बोधि ट्री स्कूल, श्रीपुर में आयोजित किया जा रहा है।
इसमें 22 राज्यों के प्रतिनिधि और कई देशों से आगंतुक विद्वान शामिल होंगे, जिससे यह आयोजन वैश्विक मंच पर भारतीय चिंतन और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।
