शिक्षकों की एकजुटता की नई मिसाल : संजीव आर्य को सौंपी गई जिला कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी

પ્રશાંત પ્રકાશ
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समस्तीपुर | बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ, समस्तीपुर के तत्वावधान में आयोजित विशेष बैठक ने जिले के शिक्षकों के आंदोलन को नई दिशा और नेतृत्व प्रदान कर दिया। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश सह समस्तीपुर जिला अध्यक्ष रामचंद्र राय ने की। इस बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए शिक्षक प्रतिनिधियों, संघीय पदाधिकारियों और जिला कमेटी के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर शिक्षकीय एकजुटता का परिचय दिया।

🔹 आंदोलन की रणनीति पर मंथन

बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी 26 दिसंबर से शहर के शिक्षा भवन परिसर में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आमरण अनशन रहा। शिक्षकों की वर्षों से लंबित समस्याओं, मूलभूत आवश्यकताओं और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष का रास्ता ही एकमात्र विकल्प है।

🔹 संजीव आर्य को मिली अहम जिम्मेदारी

बैठक के दौरान शिक्षकों की समस्याओं के प्रभावी समाधान और आंदोलन को मजबूती देने के उद्देश्य से संजीव आर्य को बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ, समस्तीपुर का जिला कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस प्रस्ताव को जिला कमेटी एवं सभी प्रखंडीय पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

प्रदेश सह जिला अध्यक्ष रामचंद्र राय ने श्री आर्य को फूलों की माला पहनाकर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि संगठन को उनसे मजबूती, संघर्षशीलता और परिणामोन्मुख नेतृत्व की अपेक्षा है।

🔹 एकजुटता और अखंडता पर जोर

विभिन्न प्रखंडों से आए संघीय पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में शिक्षकों की साझा समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए संगठन की एकता, अनुशासन और अखंडता को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बताया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज का भविष्य तभी सुरक्षित हो सकता है जब सभी कोटि के शिक्षक एक मंच पर संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करें।

🔹 “हर कोटि के शिक्षक के लिए संघर्ष” — संजीव आर्य

नवनियुक्त जिला कार्यकारी अध्यक्ष संजीव आर्य ने कहा कि शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करना सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—

> “चाहे शिक्षक नियोजित हों, नियमित हों, विशिष्ट शिक्षक हों, विद्यालय अध्यापक हों या प्रधानाध्यापक—हम सभी कोटि के शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेंगे। जब तक शिक्षा विभाग के जिला या राज्य स्तरीय पदाधिकारी शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित और ठोस समाधान नहीं करते, तब तक 26 दिसंबर से शिक्षा भवन परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन जारी रहेगा।”

🔹 बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

बैठक में सरायरंजन, पटोरी, उजियारपुर, सिंघिया, विभूतिपुर, समस्तीपुर सदर, कल्याणपुर, दलसिंहसराय सहित कई प्रखंडों से आए सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं और शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि शिक्षक समाज अब अपने अधिकारों को लेकर निर्णायक लड़ाई के मूड में है।

🔹 शिक्षा विभाग के लिए चेतावनी

इस बैठक और अनशन की घोषणा ने शिक्षा विभाग के लिए एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि शिक्षकों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जिले से निकलकर राज्य स्तर तक और व्यापक रूप ले सकता है।

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