मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा पार्टी के बाद बिहार के व्यापक दौरे पर निकल सकते हैं। नई सरकार के गठन के बाद यह उनकी पहली बड़ी और अहम यात्रा मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री की यह ‘प्रगति यात्रा’ 16 जनवरी से शुरू होने की संभावना है, हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान विभिन्न जिलों में चल रही विकास योजनाओं और पूर्व में शुरू किए गए कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, आवास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही वे संबंधित जिलों के अधिकारियों और प्रशासनिक अमले के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे।
बताया जा रहा है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं होगा, बल्कि लंबित योजनाओं में तेजी लाने, जनसमस्याओं की पहचान और स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री जिलों में विकास कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और पारदर्शिता को लेकर भी सख्त संदेश दे सकते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाएगा, बल्कि जनता के बीच सरकार की प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करेगा।
फिलहाल सभी की निगाहें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। यदि तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा शुरू होती है, तो आने वाले दिनों में बिहार के कई जिलों में मुख्यमंत्री की सक्रिय मौजूदगी देखने को मिल सकती है।
