बिहार सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना के तहत राज्य में कामकाजी महिलाओं के लिए निशुल्क हॉस्टल (Free Working Women Hostel) की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य नौकरीपेशा महिलाओं को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने करियर पर ध्यान दे सकें।
इन शहरों में बनेंगे हॉस्टल
योजना के पहले चरण में राज्य के प्रमुख शहरों—
पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
50 बेड की सुविधा, किराया पूरी तरह फ्री
प्रत्येक हॉस्टल में 50 बेड की व्यवस्था होगी। खास बात यह है कि यहां रहने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार का किराया नहीं देना होगा। सरकार ने इसे पूरी तरह निशुल्क आवास के रूप में उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।
भोजन के लिए मामूली शुल्क
हालांकि आवास मुफ्त रहेगा, लेकिन भोजन के लिए मात्र ₹3000 प्रति माह का शुल्क लिया जाएगा। यह राशि बाजार दरों की तुलना में काफी कम है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर फोकस
सरकार का मानना है कि सुरक्षित आवास मिलने से—
महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी
नौकरी और रोजगार के अवसरों में भागीदारी बढ़ेगी
बाहर से आने वाली महिलाओं को रहने की चिंता से मुक्ति मिलेगी
बदलती सोच, मजबूत बिहार
यह योजना न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि बिहार को महिला-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी। आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इस योजना के विस्तार की संभावना जताई जा रही है।
