वैशाली | जिले में संचालित विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह की अध्यक्षता में पुष्करणी सभागार, हाजीपुर में सभी विभागों एवं कार्यकारी एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत भवन निर्माण प्रमंडल, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, विद्युत विभाग सहित अन्य कार्यकारी एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा से की गई। इसके पश्चात पंचायती राज, आईसीडीएस, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, कल्याण, जीविका, कृषि, जिला योजना, आपूर्ति, भू-अर्जन एवं आपदा प्रबंधन विभागों की योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई।
पंचायत सरकार भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन पंचायतों में भूमि उपलब्ध करा दी गई है, वहां लंबित निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं। सभी अंचल अधिकारियों को इसी सप्ताह पंचायत सरकार भवन हेतु चिह्नित भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जहां भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां भूमि सुधार उप समाहर्ता के माध्यम से प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया।
जिला पदाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से समन्वय स्थापित कर भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि जनहित के सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पंचायत सरकार भवनों तक पहुंच पथ से जुड़ी समस्याओं के समाधान के भी निर्देश दिए गए।
आईसीडीएस योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीपीओ आईसीडीएस एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को चापाकल और शौचालय से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। महादलित बस्तियों में प्रस्तावित 11 सामुदायिक भवनों के निर्माण हेतु सभी अंचल अधिकारियों को अविलंब भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही सावित्रीबाई फुले छात्रावास निर्माण के लिए अंचल अधिकारी, हाजीपुर को जिला मुख्यालय के समीप भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया।
जिला योजना कार्यालय की समीक्षा में जिला योजना पदाधिकारी को स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन से समन्वय स्थापित कर सभी लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने एवं नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। कब्रिस्तान घेराबंदी एवं मंदिर चारदीवारी योजना के लंबित कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने को कहा गया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के क्रम में पशु चारा वितरण की नियमित निगरानी के निर्देश सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को दिए गए। कबीर अंत्येष्टि योजना में राघोपुर और महुआ प्रखंडों में कम प्रविष्टि पाए जाने पर शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं कन्या विवाह योजना में पातेपुर प्रखंड में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान सभी संदिग्ध राशन कार्डों की समयबद्ध जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया। लोक शिकायत निवारण की समीक्षा में जनता दरबार से प्राप्त मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल दिया गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी को जिले के दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर क्षेत्र भ्रमण के उपरांत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। प्रखंडों में साफ-सफाई कार्यों को लेकर जहां जीविका द्वारा कार्य किया जाना है, वहां संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जीविका के साथ शीघ्र एमओयू करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कार्यों को मार्च 2026 से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए ऐसी बैठकें निरंतर आयोजित की जाएंगी।
इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यकारी एजेंसियों के कार्यपालक अभियंता, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी उपस्थित रहे।
