बिहार में औद्योगिक विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से नीतीश सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। राज्य में चार आधुनिक औद्योगिक पार्क (इंडस्ट्रियल पार्क) स्थापित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। ये औद्योगिक पार्क वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों को बेहतरीन कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी।
उद्योग विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रस्तावित औद्योगिक पार्क गया, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जिलों में स्थापित होंगे। इन जिलों में बड़े पैमाने पर उपयुक्त भूमि की पहचान और उपलब्धता को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
एक्सप्रेस-वे से मिलेगा औद्योगिक लाभ
वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेस-वे देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक कॉरिडोर से जुड़ता है। इसके किनारे औद्योगिक पार्क बनने से कच्चे माल की आपूर्ति, तैयार उत्पादों की ढुलाई और बाजार तक पहुँच तेज और सस्ती होगी। इससे बिहार निवेशकों के लिए और भी आकर्षक गंतव्य बनकर उभरेगा।
रोजगार और स्थानीय विकास को बढ़ावा
इन औद्योगिक पार्कों के स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाएं मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों का भी विकास होगा।
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल
राज्य सरकार की मंशा है कि इन औद्योगिक पार्कों में बुनियादी ढांचा, बिजली, पानी, सड़क, वेयरहाउस और सिंगल-विंडो क्लियरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को बिहार में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
बिहार की औद्योगिक तस्वीर बदलेगी
नीतीश सरकार का यह कदम बिहार को औद्योगिक रूप से सशक्त राज्य बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यदि यह योजना तय समय पर धरातल पर उतरती है, तो आने वाले वर्षों में बिहार उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर सकता है।
