मकर संक्रांति के पूर्व दही-चूड़ा पहुंचाने की परंपरा के चलते सोमवार को महनार बाजार में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे बाजार क्षेत्र में भीषण जाम की स्थिति बन गई। अंबेडकर चौक से लेकर पटेल चौक तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
जाम की स्थिति इतनी गंभीर थी कि अंबेडकर चौक से पटेल चौक या पटेल चौक से अंबेडकर चौक तक पहुंचने में लोगों को घंटों लग गए। दोपहिया, चारपहिया वाहन, ऑटो और ई-रिक्शा सभी जाम में फंसे रहे। इस कारण बाजार आने-जाने वाले आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मकर संक्रांति से पहले हर साल महनार बाजार में इसी तरह भीड़ और ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की ठोस ट्रैफिक व्यवस्था नहीं की गई। न तो पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती दिखी और न ही ट्रैफिक डायवर्जन या वैकल्पिक मार्गों की कोई व्यवस्था की गई थी।
व्यापारियों और राहगीरों ने प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाता, तो जाम की इस भयावह स्थिति से बचा जा सकता था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में पर्व-त्योहारों के दौरान विशेष ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को जाम की समस्या से राहत मिल सके और बाजार व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
