दरभंगा | ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के पीजी एथलेटिक्स एवं डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वुमेन्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डब्ल्यूआईटी) के संयुक्त तत्वावधान में 10 से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित चार दिवसीय इंटर कॉलेज यूथ फेस्टिवल प्रतियोगिता 2025-26 “अनंतनाद” का समापन समारोह मंगलवार को विश्वविद्यालय के जुबिली हॉल में भव्य रूप से संपन्न हुआ।
समापन समारोह की अध्यक्षता कुलानुशासक प्रो. विजय कुमार यादव ने की। कार्यक्रम में मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ समरेन्द्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. हरे कृष्ण सिंह, ललित कला संकायाध्यक्ष प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’, सिंडिकेट सदस्य डॉ बैजनाथ चौधरी ‘बैजू’ एवं मीणा झा, एमएलएसएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ शंभू कुमार यादव, डब्ल्यूआईटी निदेशक प्रो. अजय नाथ झा, खेल पदाधिकारी प्रो. अमृत कुमार झा, आयोजन सचिव डॉ प्रियंका राय सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के अनेक पदाधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं कलाकार उपस्थित रहे।
पीजी एथलेटिक्स ओवरऑल चैंपियन
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पीजी एथलेटिक्स विभाग ने 124 अंकों के साथ ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि सीएम कॉलेज, दरभंगा को 82 अंकों के साथ उपविजेता घोषित किया गया।
वहीं एमएलएसएम कॉलेज, दरभंगा ने 73 अंकों के साथ तृतीय, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी ने 50 अंकों के साथ चतुर्थ तथा विमेंस कॉलेज, समस्तीपुर ने 22 अंकों के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया।
पांच कैटेगरी में हुए 28 इवेंट
यूथ फेस्टिवल के अंतर्गत कुल पांच कैटेगरी में 28 इवेंट आयोजित किए गए।
म्यूजिक, डांस एवं लिटरेरी कैटेगरी में पीजी एथलेटिक्स चैंपियन रहा
फाइन आर्ट में एमएलएसएम कॉलेज, दरभंगा
थिएटर कैटेगरी में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी को चैंपियन घोषित किया गया।
सभी विजेता प्रतिभागियों एवं टोली प्रबंधकों को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
युवाओं के सर्वांगीण विकास का माध्यम है यूथ फेस्टिवल
मुख्य अतिथि डॉ समरेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यूथ फेस्टिवल से छात्र-छात्राओं का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। आज सरकार खिलाड़ियों एवं कलाकारों को नौकरियों में अवसर दे रही है। उन्होंने युवाओं से जोनल एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटे रहने का आह्वान किया।
सिंडिकेट सदस्य डॉ बैजनाथ चौधरी ‘बैजू’ ने विश्वविद्यालय एवं यूथ फेस्टिवल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मीणा झा ने इसे “युवा कुंभ” बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति : वक्ता
विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि हमारा देश युवाओं का है और उनके बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं।
ललित कला संकायाध्यक्ष प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’ ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
खेल पदाधिकारी प्रो. अमृत कुमार झा ने कहा कि इस आयोजन से कई नई प्रतिभाएं सामने आई हैं और शीघ्र ही जोनल यूथ फेस्टिवल की तैयारी शुरू की जाएगी।
परिश्रम का कोई विकल्प नहीं : अध्यक्षीय संबोधन
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. विजय कुमार यादव ने कहा कि भारत की लगभग 53 प्रतिशत आबादी युवा है, जिन पर देश का भविष्य निर्भर है। खेल और संस्कृति के माध्यम से युवा वैश्विक पहचान बना रहे हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. अजय नाथ झा ने स्वागत भाषण में कहा कि आज के तनावपूर्ण युग में ऐसे आयोजन मानसिक सुकून देते हैं और परिश्रम करने वाला कभी पीछे नहीं रहता।
आयोजन सचिव ने प्रस्तुत किया प्रतिवेदन
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए आयोजन सचिव डॉ प्रियंका राय ने “अनंतनाद” के चार दिवसीय आयोजन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कलाकार कभी अहंकारी नहीं होते, वे अपने गुरु और कला के प्रति सदैव नतमस्तक रहते हैं।
इस अवसर पर आयोजन स्थल उपलब्ध कराने के लिए जुबिली हॉल, जंतु विज्ञान एवं भौतिकी विभाग के अध्यक्षों, आयोजन समिति के सदस्यों, तकनीकी सहयोगियों एवं कोऑर्डिनेटरों को भी सम्मानित किया गया।
