डॉक्टर न नर्स, फिर भी इलाज! हाजीपुर में दर्जनों फर्जी अस्पताल बेनकाब

પ્રશાંત પ્રકાશ
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>> हाजीपुर में 17 नर्सिंग होम की जांच, 15 को कारण बताओ नोटिस, एक अस्पताल सील

>> नवजात शिशुओं के शव मिलने के बाद जिला प्रशासन सख्त, अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई तेज

जिलाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर सिविल सर्जन वैशाली द्वारा नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल 17 नर्सिंग अस्पतालों की जांच की गई। जांच के दौरान 15 अस्पतालों में विभिन्न प्रकार की गंभीर कमियां एवं अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद संबंधित अस्पताल संचालकों को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया है। असंतोषजनक जवाब मिलने की स्थिति में अस्पताल संचालकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जांच के क्रम में अस्पताल रोड स्थित साइन इमरजेंसी हॉस्पिटल एंड क्लीनिक की गतिविधियां संदेहास्पद पाई गईं। इस पर अस्पताल संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया तथा उसकी सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नवजात शिशुओं के शव मिलने से मचा था हड़कंप

गौरतलब है कि बीते दिनों नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अस्पताल रोड स्थित कोऑपरेटिव बैंक गेट के समीप सड़क पर तथा पोखरा मुहल्ला स्थित सड़क पर दो नवजात शिशुओं के शव बरामद किए गए थे। दोनों ही मामलों में नगर थाना में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन्हीं घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर नर्सिंग होमों की विशेष जांच कराई गई।

डीएम ने दिए विशेष निगरानी के निर्देश

जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने सिविल सर्जन एवं अनुमंडल पदाधिकारी, हाजीपुर को ऐसे संस्थानों पर विशेष निगरानी रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है। डीएम ने कहा है कि जांच में जो भी अस्पताल दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमों के अनुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शहर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पताल

हाजीपुर शहर के अस्पताल रोड, एसडीओ रोड, पोखरा मुहल्ला, नवीन सिनेमा रोड, जोहरी बाजार, सुभाष चौक सहित अन्य क्षेत्रों में दर्जनों अस्पताल, जांच घर, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे केंद्र अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में न तो नियमित डॉक्टर रहते हैं और न ही प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध रहते हैं।

अधिकांश मामलों में बिचौलियों के माध्यम से मरीजों को इन अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है और बिना समुचित चिकित्सा व्यवस्था के किसी तरह इलाज किया जाता है। यह स्थिति न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शहर में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप मचा हुआ है।

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