हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। राजधानी ढाका की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और सामान्य जनजीवन प्रभावित नजर आ रहा है। शाहबाग से लेकर जगन्नाथ हॉल तक भय और अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हालिया आगजनी और उग्र प्रदर्शनों की घटनाओं ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। विशेष रूप से हिंदू सहित अल्पसंख्यक समुदाय के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और एहतियातन घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजधानी के कई इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
हालात को लेकर आम लोगों में चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि देश में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। मौजूदा हालात को देखते हुए कई विश्लेषक बांग्लादेश को ‘ज्वालामुखी पर बैठा देश’ बता रहे हैं, जहां हालात कभी भी विस्फोटक रूप ले सकते हैं।
