वैशाली जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने किसानों को डिजिटल पहचान से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग, वैशाली द्वारा संचालित “फार्मर रजिस्ट्री – किसान की डिजिटल पहचान” अभियान के तहत फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि महुआ, महनार एवं हाजीपुर अनुमंडलों के लिए अलग-अलग प्रचार रथ भेजे जा रहे हैं, ताकि प्रथम चरण में अधिक से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी तैयार की जा सके। प्रथम चरण के शिविर 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक तथा द्वितीय चरण के शिविर 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को कैंप मोड में कार्य करते हुए सभी पात्र किसानों का e-kyc सत्यापन पूर्ण कर फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने के निर्देश दिए।
यह योजना दो चरणों में कैंप मोड में लागू की जा रही है। पंचायतवार शिविरों का आयोजन पंचायत सरकार भवनों एवं अन्य सरकारी भवनों में किया जाएगा, जहां कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं राजस्व कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी किसान भाई-बहनों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य बनवाएं। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों की बिक्री में सुविधा, फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक मुआवजा तथा पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का निर्बाध लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर के कृषि और राजस्व अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि फार्मर रजिस्ट्री एग्री स्टैक परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कृषि सेवाओं को आधुनिक, सरल और प्रभावी बनाना है। इसके तहत प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी तैयार की जाती है, जिसमें भूमि संबंधी विवरण एवं आधार संख्या को डिजिटल रूप से जोड़ा जाता है। बिहार भूमि डेटाबेस के समेकन के आधार पर राज्य स्तर से फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है।
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को आगामी किस्त प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल/एप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा e-kyc सत्यापन एवं भूमि दावा करना अनिवार्य होगा। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज - आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज (स्वयं के नाम से जमाबंदी) और मोबाइल नंबर फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को स्वयं उपस्थित होकर आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं भूमि का विवरण देना होगा। पहले कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार द्वारा e-kyc किया जाएगा, इसके बाद राजस्व कर्मचारी द्वारा भूमि दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत e-signing प्रक्रिया पूर्ण कर किसान की फार्मर आईडी तैयार की जाएगी।
पीएम-किसान योजना के लाभुकों के अलावा ऐसे सभी किसान, जिनके नाम से जमाबंदी है, उनका भी फार्मर रजिस्ट्री बनाया जा सकता है। वर्तमान में वैशाली जिले में पीएम-किसान योजना के कुल 1,95,228 लाभुक हैं, जिनमें से 65,298 का e-kyc किया जा चुका है। अब तक जिले में कुल 20,318 फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है, जिनमें से 10,546 पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक हैं।
