प्रयागराज | आस्था, परंपरा और संगम के लिए प्रसिद्ध प्रयागराज का माघ मेला इस बार एक अलग कारण से भी सुर्खियों में है। मेले से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है। इन वायरल क्लिप्स में नजर आ रही युवती श्वेता यादव को लोग “माघ मेले की मोनालिसा” और “प्रयागराज की वायरल गर्ल” कहकर संबोधित कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि श्वेता यादव की वायरल कहानी कितनी सच है और इसके पीछे की वास्तविकता क्या है?
कैसे वायरल हुईं श्वेता यादव?
माघ मेले के दौरान शूट किए गए कुछ वीडियो इंस्टाग्राम रील्स, फेसबुक और यूट्यूब शॉर्ट्स पर तेजी से वायरल हुए। सादगी, आत्मविश्वास और कैमरे के सामने सहजता ने लोगों का ध्यान खींचा। देखते ही देखते हजारों-लाखों व्यूज़, शेयर और कमेंट्स आने लगे और श्वेता यादव सोशल मीडिया की नई चर्चा बन गईं।
कौन हैं श्वेता यादव?
सोशल मीडिया और सामने आए इंटरव्यूज के अनुसार,
श्वेता यादव उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली हैं।
वह प्रयागराज में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC/PCS) की तैयारी कर रही हैं।
यानी, श्वेता की पहचान किसी फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं, बल्कि एक सामान्य छात्रा के रूप में है।
एक्टिंग और मॉडलिंग को लेकर क्या बोलीं श्वेता?
वायरल होने के बाद दिए गए कुछ इंटरव्यूज में श्वेता यादव ने कहा कि अगर उन्हें अच्छे और सकारात्मक अवसर मिलते हैं, तो वह एक्टिंग या मॉडलिंग के क्षेत्र में भी किस्मत आजमाने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता पढ़ाई और भविष्य की तैयारी है।
‘कुंभ की मोनालिसा’ से तुलना
श्वेता यादव की तुलना 2025 कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा से की जा रही है। उस समय भी एक साधारण महिला की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। इतिहास खुद को दोहराता नजर आ रहा है, फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार मंच माघ मेला है।
आज श्वेता यादव सोशल मीडिया की लोकप्रिय चेहरा बन चुकी हैं। आने वाला समय तय करेगा कि यह लोकप्रियता केवल कुछ दिनों का ट्रेंड बनकर रह जाती है या उनके जीवन की दिशा बदल देती है।
सोशल मीडिया पर किसी को ऊंचाइयों तक पहुंचाना जितना आसान है, उतनी ही तेजी से उसे भुला देना भी। इसलिए जरूरी है कि वायरल चेहरे को सनसनी नहीं, संवेदनशीलता और सच्चाई के साथ देखा जाए।
