बिहार पुलिस की ताकत में एक और अहम इजाफा हुआ है। राज्य को 1218 नए सब इंस्पेक्टर (दारोगा) मिले हैं, जो आधुनिक तकनीक और पेशेवर प्रशिक्षण से लैस हैं। राजगीर स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में वर्ष 2023 बैच के प्रशिक्षु दारोगाओं की भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने परेड की सलामी ली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नव-प्रशिक्षित दारोगाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका बेहद अहम होगी। उन्होंने ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कर्तव्य निभाने का आह्वान किया।
पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर—समावेशिता की मिसाल
इस बैच में 779 पुरुष, 436 महिलाएं और पहली बार 3 ट्रांसजेंडर दारोगा शामिल किए गए हैं। यह कदम न केवल बिहार पुलिस की समावेशी सोच को दर्शाता है, बल्कि समाज में समान अवसर और प्रतिनिधित्व की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल भी माना जा रहा है।
आधुनिक प्रशिक्षण से बढ़ेगी पुलिस की क्षमता
इन नए दारोगाओं को कानून, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और तकनीकी जांच जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता के साथ बेहतर संवाद और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ेगी।
कानून-व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
नए दारोगाओं की तैनाती से राज्य में पुलिस बल की कार्यक्षमता और जवाबदेही बढ़ेगी। खासकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपराध पर नियंत्रण, त्वरित न्याय और सुरक्षित माहौल बनाने में यह नई फौज अहम भूमिका निभाएगी।
कुल मिलाकर, 1218 नए दारोगाओं की नियुक्ति बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था को नई ऊर्जा और भरोसा देगा।
